साहिबगंज रोजगार मेले में 142 अभ्यर्थियों का चयन, 117 शॉर्टलिस्ट

सिद्धो-कान्हू सभागार में आयोजित एक दिवसीय रोजगार मेले में 800 से अधिक अभ्यर्थी पहुंचे। 1,503 रिक्तियों के लिए हुई प्रक्रिया में 142 का चयन और 117 को शॉर्टलिस्ट किया गया।

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साहिबगंज के रोजगार मेले में उपस्थित अभ्यर्थी और विभिन्न नियोजकों के स्टॉल

साहिबगंज के सिद्धो-कान्हू सभागार में गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले में 800 से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। विभिन्न पदों के लिए हुई चयन प्रक्रिया में 142 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 117 को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। मेले में कुल 1,503 रिक्तियां उपलब्ध कराई गई थीं।

श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में जिला नियोजनालय सह मॉडल कैरियर सेंटर ने मेले का आयोजन किया। परिसर में 20 स्टॉल लगाए गए और 16 नियोजकों ने भाग लिया। इनमें 10 निजी क्षेत्र के नियोजक साहिबगंज जिले से संबंधित थे।

उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, उप विकास आयुक्त सतीश चन्द्रा और जिला नियोजन पदाधिकारी संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। जिला नियोजन पदाधिकारी ने अभ्यर्थियों को नियोजनालय से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी और उनसे अपनी योग्यता तथा रुचि के अनुरूप अवसर चुनने को कहा।

उपायुक्त ने युवाओं को एनएपीएस और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से हुनरमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जिला नियोजनालय को अलग-अलग क्षेत्रों के नियोजकों के संपर्क में रहकर अधिक रिक्तियां जुटाने का निर्देश दिया, ताकि रोजगार की तलाश कर रहे युवक-युवतियों को ज्यादा अवसर मिल सकें। उप विकास आयुक्त ने रोजगार मेलों के नियमित आयोजन की सराहना की।

मेले में स्वास्थ्य, शिक्षा, कंप्यूटर, फैशन डिजाइनिंग, प्रशिक्षण, प्रबंधन, तकनीकी कार्य और सुरक्षा से जुड़े पदों के लिए प्रक्रिया हुई। इनमें नर्स, डॉक्टर, ऑप्टोमेट्रिस्ट, शिक्षक, फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर, मशीन ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, प्रशिक्षु और सुरक्षा गार्ड समेत कई पद शामिल थे। अलग-अलग नौकरियों के लिए दसवीं, बारहवीं, स्नातक, डिप्लोमा और आईटीआई जैसी योग्यताएं निर्धारित थीं।

कार्यक्रम के दौरान चार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र और तीन को कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिए गए। इसके अलावा जिला उद्योग विभाग, जेएसएलपीएस और आरसेटी ने 65 अभ्यर्थियों को रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। आयोजन का उद्देश्य जिले के युवाओं को निजी क्षेत्र की रिक्तियों, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के उपलब्ध विकल्पों से एक ही स्थान पर जोड़ना था।