सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित गेरदा डाकघर के खाताधारकों ने पासबुक और ऑनलाइन रिकॉर्ड में राशि का अंतर मिलने की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पासबुक में वर्षों से जमा की गई रकम दर्ज है, जबकि डाकघर के डिजिटल सिस्टम में कई खातों का बैलेंस शून्य दिखाई दे रहा है। इस स्थिति से खाताधारकों की चिंता बढ़ गई है।
गेरबा गांव के मेघनाथ महतो के नेतृत्व में गुरुवार को खाताधारकों ने गुमला के डाक अधीक्षक को आवेदन सौंपा। आवेदन में पूरे मामले की गहन और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने तत्कालीन पोस्टमास्टर और अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करने को कहा है।
खाताधारकों के अनुसार, क्षेत्र के लोग बचत खातों और डाकघर की विभिन्न योजनाओं में लंबे समय से अपनी कमाई जमा करते रहे हैं। उनका आरोप है कि तत्कालीन पोस्टमास्टर आबिद मियां के निधन के बाद जब वे खातों की जानकारी लेने और रकम निकालने पहुंचे, तब कई खातों में जमा राशि ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं मिली।
ग्रामीणों का दावा है कि वर्तमान पोस्टमास्टर से संपर्क करने और खातों की जांच कराने के बाद भी डिजिटल रिकॉर्ड में बैलेंस शून्य पाया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में रकम के अंतर का कारण या कुल प्रभावित राशि स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए खाताधारकों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि अब विभागीय जांच और अभिलेखों के मिलान पर निर्भर करेगी।
आवेदन में खातों से जुड़े पासबुक, लेजर और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने कहा है कि जांच में गड़बड़ी साबित होने पर खाताधारकों को उनकी पूरी जमा राशि वापस दिलाई जाए। डाक अधीक्षक ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है।