सिमडेगा में करम पर्व की तैयारियां पूरी, सरना स्थल और स्कूलों में होंगे आयोजन

सिमडेगा जिले में मंगलवार को करम पर्व मनाया जाएगा। सरना स्थल और शिक्षण संस्थानों में पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पारंपरिक नृत्य की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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सिमडेगा में करम पर्व के आयोजन के लिए सजाया गया सरना स्थल या अखड़ा

सिमडेगा जिला मुख्यालय समेत सभी प्रखंडों में मंगलवार को प्रकृति पर्व करम श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। विभिन्न सरना स्थलों और शिक्षण संस्थानों में आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम को करम डाल स्थापित कर पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की जाएगी।

पर्व के अवसर पर बहनें उपवास रखकर करम देव की पूजा करेंगी और अपने भाइयों की सुख-समृद्धि तथा कुशलता की कामना करेंगी। पूजा के बाद मांदर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित करने की तैयारी है।

शहर में पानी टंकी के पास स्थित सरना स्थल पर केंद्रीय सरना समिति करमा पूजन कराएगी। इसके लिए सरना परिसर को सजाया गया है। यहां पाहन बाबूलाल करम डाल की पारंपरिक विधि से पूजा कराएंगे। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को कर्मा-धर्मा की कथा सुनाई जाएगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

अंबेडकर नगर सलडेगा स्थित गोंडवाना विकास विद्यालय सह छात्रावास परिसर में भी भादो एकादशी पर करम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन के लिए परिसर के अखड़ा को सजाया गया है। यहां भी पर्व से जुड़ी परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम की तैयारी की गई है।

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सलडेगा में दो दिवसीय करम महोत्सव मंगलवार शाम सात बजे शुरू होगा। आचार्य विद्याबंधु शास्त्री करम राजा का पूजन-अर्चन कराएंगे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे मुख्य अतिथि होंगे। विद्यालय के अनुसार, आयोजन में प्रकृति के सम्मान, संरक्षण, पारिवारिक मंगल और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।

दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार, 23 सितंबर को सुबह आठ बजे करम राजा का विसर्जन किया जाएगा। अलग-अलग स्थानों पर होने वाले इन आयोजनों में पूजा के साथ सामूहिक सांस्कृतिक गतिविधियां भी शामिल रहेंगी। पर्व को लेकर सरना परिसरों, अखड़ों और विद्यालयों में आवश्यक सजावट तथा कार्यक्रम संबंधी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।