सिमडेगा में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहे छोटानागपुर कल्याण निकेतन ने जिले में अब तक 551 बाल विवाह रुकवाने की जानकारी दी है। संस्था के मुताबिक, ये हस्तक्षेप जिला प्रशासन के सहयोग, कानूनी प्रक्रिया और समुदायों के बीच चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किए गए।
संगठन की सचिव प्रियंका सिन्हा ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने इसे बाल विवाह के खिलाफ भारत में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने के रूप में देखा और कहा कि इस दिशा में सभी पक्षों की जिम्मेदारी बढ़ी है।
संस्था ने बताया कि उसका काम केवल संभावित बाल विवाह रोकने तक सीमित नहीं है। स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई जारी रखने की जरूरत पर ध्यान दिया जाता है।
अभियान के तहत संवेदनशील परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, ताकि उनके सामने सुरक्षित और बेहतर भविष्य के विकल्प बने रहें।
प्रियंका सिन्हा के अनुसार, बाल विवाह की रोकथाम के लिए परिवार, समाज, विद्यालय, पंचायत, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने और परिवारों को आर्थिक तथा सामाजिक रूप से सशक्त करने को इस प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
संस्था का कहना है कि कानूनी हस्तक्षेप के साथ लगातार संवाद और जागरूकता जरूरी है। सिमडेगा में चल रहा अभियान इसी सामूहिक भागीदारी पर केंद्रित है, ताकि जोखिम वाले बच्चों की समय रहते पहचान हो सके और उन्हें बाल विवाह से बचाकर शिक्षा से जोड़े रखा जा सके।