सिमडेगा जिले में जल जीवन मिशन के काम को गति देने के लिए रामरेखाधाम ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सिमडेगा ने इस कार्य के लिए अति अल्पकालीन निविदा आमंत्रित की है। योजना का काम पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।
जिले में पिछले छह महीने के दौरान हर घर नल-जल योजना की प्रगति ठप रही। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर तक सिमडेगा में नल से जल का एक भी नया कनेक्शन नहीं दिया जा सका। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस अवधि में नए नल कनेक्शन देने के मामले में सिमडेगा राज्य के सभी जिलों से पीछे रहा।
इस स्थिति के बीच विभाग ने रामरेखाधाम ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना को दुरुस्त करने की पहल की है। कार्यपालक अभियंता कार्यालय की ओर से 12 अक्टूबर को जीर्णोद्धार कार्य के लिए निविदा सूचना जारी की गई। प्रस्तावित काम की प्राक्कलित लागत करीब 22.92 लाख रुपये तय की गई है।
इस राशि में योजना के जीर्णोद्धार के साथ एक वर्ष तक उसका संचालन और रखरखाव भी शामिल है। निविदा से संबंधित परिमाण विपत्र की बिक्री 22 अक्टूबर से शुरू होगी। प्राप्त निविदाएं 23 अक्टूबर को अपराह्न 3:30 बजे खोली जानी हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
विभाग ने जीर्णोद्धार का कार्य पूरा करने के लिए तीन महीने की समयसीमा निर्धारित की है। फिलहाल योजना दोबारा चालू नहीं हुई है और काम निविदा प्रक्रिया के चरण में है। निविदा पूरी होने तथा मरम्मत संबंधी कार्य संपन्न होने के बाद ही जलापूर्ति व्यवस्था में वास्तविक सुधार की स्थिति स्पष्ट होगी।
रामरेखाधाम योजना के दुरुस्त होने से स्थानीय ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की संभावना है। साथ ही, यह पहल जिले में छह महीने से रुके जल जीवन मिशन के काम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। नए नल कनेक्शनों की प्रगति अब निविदा और जीर्णोद्धार कार्य के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगी।