सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड की जोनबानी पंचायत स्थित धानुडीह गांव में मंगलवार को कोल्हान रक्षा संघ की सभा आयोजित की गई। इसमें धानुडीह के साथ धुरीपदा, चावरां, हनुमातबेरा, फुलझूरी, बड़डीह और भुरकुली सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण शामिल हुए।
सभा में वनपट्टा प्रमुख विषय रहा। इसके अलावा ग्रामीणों के शोषण, शिक्षा की स्थिति तथा जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकारों को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और वनपट्टा प्राप्त करने के लिए संगठित प्रयास करने की अपील की।
बैठक में वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन को ग्रामीण जीवन से जुड़ा अधिकार बताते हुए इन विषयों पर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वनपट्टा से संबंधित मांगों और अधिकारों के लिए ग्रामीणों को मिलकर प्रयास जारी रखना चाहिए। सभा का उद्देश्य इन मुद्दों के बारे में स्थानीय लोगों को जानकारी देना और उनकी भागीदारी बढ़ाना था।
कोल्हान रक्षा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डिबार जोंको और समिति सदस्य मेघराई मार्डी ने संगठन के गठन, उद्देश्यों और प्रमुख मुद्दों की जानकारी दी। उन्होंने वनपट्टा के लिए संघ की ओर से किए जा रहे प्रयासों का विवरण भी रखा। साथ ही उन गांवों में की गई पहल के बारे में बताया, जहां ग्रामीणों को वनपट्टा दिलाने की दिशा में काम किया गया है।
कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान, स्थानीय गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। चर्चा के दौरान ग्रामीणों को वनपट्टा तथा जल-जंगल-जमीन से जुड़े विषयों पर जागरूक करने पर विशेष जोर रहा। सभा में शिक्षा और अधिकारों से जुड़े प्रश्नों को भी ग्रामीण हितों के व्यापक संदर्भ में रखा गया।