सिमरिया में मतदाता सूची पुनरीक्षण की सुनवाई शुरू, 14 अक्टूबर तक चलेगी प्रक्रिया

सिमरिया प्रखंड में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण के दावे और आपत्तियों पर सुनवाई चल रही है। अनुपस्थित रहने या मान्य दस्तावेज नहीं देने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

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चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत दावे और आपत्तियों के निस्तारण की सुनवाई शुरू हो गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पांच अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होने के बाद 24 अगस्त से सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। यह अभियान 14 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

सुनवाई के लिए पंचायत सचिवालय जबड़ा, सेरनदाग, डाड़ी और ईचाक के साथ अनुमंडल कार्यालय तथा प्रखंड कार्यालय सिमरिया को केंद्र बनाया गया है। मतदान केंद्रों के आधार पर अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी बांटी गई है, ताकि चिह्नित मतदाताओं के मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच और सुनवाई की जा सके।

मतदान केंद्र संख्या 49 से 82 तक के मामलों की सुनवाई अनुमंडल पदाधिकारी, 83 से 116 तक की भूमि सुधार उप समाहर्ता और 117 से 151 तक की प्रखंड विकास पदाधिकारी कर रहे हैं। पुनरीक्षण के दौरान सिमरिया प्रखंड में 2,964 अनमैप और 15,188 विसंगति मैपिंग वाले मतदाताओं की पहचान किए जाने की जानकारी दी गई है।

प्रखंड कार्यालय और ईचाक पंचायत सचिवालय में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी के स्तर से 780 अनमैप मतदाताओं के मामलों की सुनवाई हो रही है। आठ सितंबर तक इनमें 444 मामलों की सुनवाई पूरी होने की बात कही गई है। अनुपस्थित रहने वाले या मान्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं को तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया गया है। विसंगति मैपिंग से जुड़े मामलों में भी सुनवाई जारी है और अनुपस्थित मतदाताओं को दूसरा नोटिस भेजा गया है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया है कि निर्वाचन आयोग ने पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक प्रमाणपत्र, निवास और जाति प्रमाणपत्र, जमीन का खतियान तथा परिवार रजिस्टर समेत 12 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए हैं। नो-मैपिंग श्रेणी में मांगे जाने वाले दस्तावेज मतदाता की जन्मतिथि के आधार पर तय होंगे। अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं को स्वयं के साथ माता या पिता से संबंधित दस्तावेज भी देने पड़ सकते हैं।

जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उनके लिए निर्धारित सुनवाई केंद्र पर मान्य कागजात प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण होगा। अभियान की घोषित समयसीमा 14 अक्टूबर है, इसलिए लंबित मामलों का निस्तारण इसी अवधि में किया जाना है। उपलब्ध विवरण में सुनवाई और दस्तावेजों की जांच जारी रहने की जानकारी दी गई है।