सिल्ली में खेरबैड़ा डैम टूटा, कई गांवों की फसलें प्रभावित; नुकसान का आकलन शुरू

रांची के सिल्ली प्रखंड में खेरबैड़ा डैम टूटने से गोडाडीह, सातपालु और रायकोचा समेत आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया। धान व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा और लोटा-गोडाडीह मार्ग पर आवागमन कई घंटे प्रभावित रहा।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
सिल्ली के खेरबैड़ा डैम टूटने के बाद प्रभावित क्षेत्र और खेत

रांची जिले के सिल्ली प्रखंड में शनिवार दोपहर खेरबैड़ा डैम टूटने से आसपास के कई इलाकों में पानी फैल गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, गोडाडीह पंचायत क्षेत्र में स्थित इस डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बांध टूटने के बाद निकला पानी गोडाडीह, सातपालु और रायकोचा सहित निकटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचा।

पानी के तेज फैलाव से खेतों में लगी धान और अन्य कृषि फसलें प्रभावित हुई हैं। नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और प्रभावित गांवों तथा खेतों में हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है।

डैम टूटने का असर स्थानीय यातायात पर भी पड़ा। लोटा-गोडाडीह मुख्य मार्ग पर कई घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिससे इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। रिपोर्ट में मार्ग की मौजूदा स्थिति या यातायात पूरी तरह सामान्य होने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डैम की मेड़ से पिछले कई दिनों से पानी का रिसाव हो रहा था। हालांकि रिसाव की सूचना संबंधित अधिकारियों को कब मिली और उससे पहले किसी स्तर पर निरीक्षण या मरम्मत की गई थी या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। डैम टूटने की परिस्थितियों पर प्रशासन की ओर से विस्तृत निष्कर्ष भी अभी सामने नहीं आया है।

सिल्ली के इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में धान और दूसरी फसलों की क्षति से प्रभावित किसानों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। वास्तविक आर्थिक नुकसान का पता खेतवार सर्वे और फसलों की स्थिति की जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। सर्वे के बाद प्रभावित गांवों, किसानों और क्षतिग्रस्त फसलों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। राहत या मुआवजे के संबंध में उपलब्ध विवरण में किसी औपचारिक घोषणा का उल्लेख नहीं है।