रांची जिले के सिल्ली प्रखंड की गोडाडीह पंचायत में शनिवार को खेरबैड़ा डैम अचानक टूट गया। डैम से निकला पानी तेजी से आसपास के खेतों और बस्तियों की ओर फैल गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना से करीब 500 किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं और कई गांवों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
पानी के तेज बहाव से खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना है। ग्रामीणों का कहना है कि फसल बह जाने या पानी में डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। नुकसान का विस्तृत आकलन अभी सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभावित लोगों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
डैम का पानी गोडाडीह-सिल्ली मुख्य मार्ग तक पहुंच गया। इससे आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हुआ। लगभग एक घंटे बाद बहाव कम होने पर सड़क से आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। पानी बाजार, गलियों और कई घरों में भी घुसने की जानकारी दी गई है।
खेरबैड़ा, गोडाडीह, बाहमनी, सतपालू, पलाशडीह, पेन टोला, नायक टोला और मुस्लिम टोला सहित आसपास के कई गांव प्रभावित बताए गए हैं। तेज बहाव में कुछ मवेशियों के बहने की भी सूचना है, हालांकि उनकी संख्या या स्थिति के बारे में पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, डैम से पहले ही पानी का रिसाव हो रहा था और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई थी। उन्होंने घटना के लिए विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया है। यह आरोप ग्रामीणों का है और उपलब्ध विवरण में किसी विभागीय जांच या प्रशासनिक निष्कर्ष का उल्लेख नहीं किया गया है।
पूर्व मुखिया डब्लू महली ने प्रभावित गांव में शिविर लगाकर किसानों के नुकसान का आकलन करने और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। खेतों, घरों और संपर्क मार्गों पर पड़े असर को देखते हुए ग्रामीण अब प्रशासन से तत्काल राहत तथा डैम की स्थिति की जांच की अपेक्षा कर रहे हैं।