सिल्ली में रानीहारा डैम का करीब 40 फीट बांध टूटा, खेतों और घरों में घुसा पानी

रांची जिले के सिल्ली प्रखंड में रानीहारा डैम का बांध टूटने से कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए। ग्रामीणों ने फसल, मवेशी, बत्तख और मछलियों के नुकसान का दावा करते हुए मुआवजे की मांग की है।

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सिल्ली के रानीहारा डैम का बांध टूटने के बाद प्रभावित खेत और आसपास का इलाका

रांची जिले के सिल्ली प्रखंड की गोंडाडीह पंचायत में शनिवार को रानीहारा डैम का बांध करीब 40 फीट तक टूट गया। खैरबेड़ा के पास डैम से निकला पानी तेज बहाव के साथ आसपास के गांवों और खेतों में पहुंचा। इससे बड़ी संख्या में किसानों की खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं और कुछ घरों में भी पानी भर गया।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, पानी का असर खैरबेड़ा, बाह्मानी, गोंडाडीह नायकटोला, पेंटोला, बांसटोला, सातपालु, सीधाबगाना और पलासडीह सहित आसपास के इलाकों में पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से उपजाऊ मिट्टी भी बह गई, जिससे फसल के मौजूदा नुकसान के साथ खेती की जमीन पर आगे भी असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने कई मवेशियों, बड़ी संख्या में बत्तखों और हजारों मछलियों के बहने की जानकारी दी है। उनके आकलन के मुताबिक पांच गांवों की लगभग 22 हजार आबादी प्रभावित हुई है। नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

खैरबेड़ा और सातपालु गांवों के कई घर पानी की चपेट में आए हैं। अचानक पानी भरने से स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों, पशुधन और घरों को हुए नुकसान के बीच प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सहायता और क्षति का आकलन कराने की मांग की है।

बताया गया है कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण डैम पूरी तरह भर गया था। ग्रामीणों के अनुसार बांध टूटने की आशंका पहले से बनी हुई थी। उनका कहना है कि जल संसाधन विभाग ने वर्ष 2010-11 में इस डैम का निर्माण कराया था।

पूर्व मुखिया और स्थानीय ग्रामीणों ने सिल्ली प्रशासन तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी को घटना की सूचना दी। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से फसलों, घरों और पशुधन की क्षति का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।