देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में रविवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रशेखर कुमार ने पूजा-अर्चना की। उनकी यात्रा को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उन्होंने गर्भगृह में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया और भोलेनाथ तथा माता पार्वती की आरती में भी भाग लिया।
मंदिर पहुंचने के बाद न्यायाधीश को सबसे पहले प्रशासनिक भवन में ले जाया गया। वहां मंदिर के पुजारियों ने पूजा का संकल्प कराया। इसके बाद विधि-विधान से आगे की धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें गर्भगृह ले जाया गया।
मंदिर के मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त के अनुसार, गर्भगृह में सरदार पंडा की मौजूदगी में न्यायाधीश ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। निर्धारित कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रशासन और सुरक्षा से जुड़े कर्मी परिसर में तैनात रहे।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाई गई। इससे मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतार बन गई और लोगों को दर्शन के लिए कुछ देर इंतजार करना पड़ा। इस अवधि में श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्था में सहयोग किया।
पूजा संपन्न होने के बाद न्यायाधीश चंद्रशेखर कुमार देवघर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां कुछ समय रुकने के बाद वह देवघर हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए और फिर दिल्ली प्रस्थान कर गए।
न्यायाधीश शनिवार को ही देवघर पहुंच गए थे। प्रोटोकॉल के तहत हवाई अड्डे पर देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया था। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें देवघर की धार्मिक पहचान से जुड़ा शिवलिंग का फोटो फ्रेम भी भेंट किया गया।