सोन-कनहर का जलस्तर बढ़ा, गढ़वा के चार प्रखंडों के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका

जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बीच सोन और कनहर नदियों का प्रवाह बढ़ा है। खरौंधी, केतार, हरिहरपुर और कांडी के नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।

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गढ़वा में सोन और कनहर नदियों का बढ़ा जलस्तर और तटवर्ती क्षेत्र

गढ़वा जिले में सोन और कनहर नदियों का जलस्तर बढ़ने से चार प्रखंडों के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश तथा कई जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का प्रवाह बढ़ा है। इसका असर खरौंधी, केतार, हरिहरपुर और कांडी प्रखंड के नदी किनारे बसे गांवों पर पड़ने की आशंका है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश स्थित बाणसागर जलाशय के आठ रेडियल गेट दो-दो मीटर तक खोले गए हैं। इससे सोन नदी में लगभग 3,277 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार जल निकासी के बीच नदी के निचले हिस्सों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ और झारखंड के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का असर सोनभद्र स्थित कनहर यानी अमवार जलाशय पर भी पड़ा है। इसका जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने के बाद आठ स्पिलवे गेट दो-दो मीटर तक खोले गए हैं। ओबरा बांध का आठवां गेट भी करीब तीन फीट खोला गया है, जिससे रेणु नदी के रास्ते पानी सोन में पहुंच रहा है।

रिहंद जलाशय का जलस्तर भी उसकी 870 फीट की अधिकतम क्षमता के करीब बताया गया है। उपलब्ध आंकड़े के मुताबिक जलस्तर 869.1 फीट तक पहुंचा है। इसका मुख्य फाटक अभी नहीं खोला गया है, लेकिन जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए जलविद्युत संयंत्र की सभी छह टरबाइन पूरी क्षमता से चलाई जा रही हैं और पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है।

जलाशयों से लगातार निकल रहे पानी के कारण गढ़वा के सीमावर्ती तटीय क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, जिले में प्रशासन की ओर से मुनादी कराए जाने की पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं हुई है।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए नदी किनारे जाने से बचने, मवेशियों को जलधाराओं से दूर रखने और जलस्तर पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। निचले क्षेत्रों के ग्रामीणों को स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।