चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावाडीह पनारी में शनिवार को बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘हमारा बचपन, हमारा अधिकार’ अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, बाल शोषण और शिक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चतरा के सचिव के निर्देश पर आयोजित किया गया। इसमें पीएलवी कुमार विवेक रंजन और सरयू यादव ने विद्यार्थियों को झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान के उद्देश्यों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के बारे में बताया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कराना बाल विवाह से संबंधित कानून के तहत अपराध है। ऐसे किसी मामले की जानकारी मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या जिला विधिक सेवा प्राधिकार को सूचना दी जा सकती है।
कार्यक्रम में बाल शोषण के अलग-अलग रूपों पर भी चर्चा हुई। बच्चों से मजदूरी कराना, उनसे भीख मंगवाना तथा उन्हें शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना दंडनीय कृत्य बताए गए। किसी परेशानी या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और नालसा हेल्पलाइन 15100 से संपर्क करने की सलाह दी गई।
पीएलवी ने शिक्षा के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि छह से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा पाने का अधिकार है। इस जानकारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने अधिकार पहचानने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता मांगने में सक्षम बनाना था।
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से बच्चों को कानून, उपलब्ध संस्थागत सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी एक ही मंच पर दी गई।