हजारीबाग समेत झारखंड में आलू की आगामी बोआई को देखते हुए लाल गुलाल प्रजाति के बीज की मांग बढ़ गई है। झारखंड के व्यापारी उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज क्षेत्र से यह बीज खरीद रहे हैं। मौजूदा खरीद भाव 1,551 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया है और कई ट्रक आलू झारखंड भेजे जा चुके हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आलू की कटाई, छंटाई, पैकिंग और ट्रक में लोडिंग पर 54 रुपये प्रति क्विंटल का खर्च आता है। इस लागत को घटाने के बाद किसानों को करीब 1,497 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। चार दिन पहले खरीदे गए आलू को फिलहाल शीतगृहों के बरामदों में सुखाया भी जा रहा है।
लाल गुलाल आलू का उत्पादन फर्रुखाबाद में काली नदी के पार स्थित मोहनपुर, लालपुर, बड़ौरा और सादिकपुर जैसे इलाकों में अधिक होता है। झारखंड के साथ बिहार और पूर्वांचल में लाल प्रजाति के आलू पसंद किए जाते हैं। इनमें लाल गुलाल के अलावा नीदरलैंड, कंचन, सिंदूरी और उदय कुखरी जैसी किस्में शामिल हैं।
हजारीबाग के एक व्यापारी के मुताबिक, वह कई वर्षों से फर्रुखाबाद से आलू का बीज लाकर स्थानीय किसानों को बेचते हैं। हजारीबाग में लाल गुलाल आलू की बोआई एक से 30 सितंबर के बीच होती है। यह फसल करीब 60 दिन में खुदाई के लिए तैयार हो जाती है और प्रति बीघा 25 से 30 क्विंटल तक उपज मिलने की बात कही गई है।
पिछले वर्ष लाल गुलाल बीज का शुरुआती भाव 1,800 रुपये प्रति क्विंटल था, जो बाद में 3,600 रुपये तक पहुंच गया था। इस बार कीमत 1,600 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू हुई, लेकिन अब सौदों में कुछ नरमी दर्ज की गई है। मौजूदा मांग से संकेत मिलता है कि हजारीबाग के किसान सितंबर की निर्धारित बोआई अवधि के लिए बीज जुटा रहे हैं।