हजारीबाग में डीएमएफटी योजनाओं की नियमित समीक्षा होगी, निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर

उपायुक्त हेमंत सती ने डीएमएफटी योजनाओं की प्रगति और वार्षिक योजना के ऑडिट की समीक्षा की। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, पेयजल कनेक्शन और मनरेगा के तहत शॉक पिट पर निर्देश दिए गए।

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हजारीबाग में डीएमएफटी योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपस्थित उपायुक्त और अधिकारी

हजारीबाग में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत चल रही योजनाओं की अब नियमित समीक्षा की जाएगी। उपायुक्त हेमंत सती ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में डीएमएफटी के वार्षिक प्लान के ऑडिट की स्थिति भी देखी गई।

समीक्षा के दौरान ग्रामीण विकास, लघु सिंचाई, भवन प्रमंडल, जलपथ विभाग, एनआरईपी और जिला परिषद सहित संबंधित विभागों की योजनाओं पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने कार्यों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और कहा कि डीएमएफटी से संचालित योजनाओं की प्रगति की निगरानी लगातार की जाएगी।

बैठक में कुछ कार्यस्थलों पर योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की आवश्यकता का विषय भी सामने आया। इस पर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा लंबित मामलों का निष्पादन कराने का निर्देश दिया गया, ताकि कार्य आगे बढ़ सकें।

निर्माण कार्यों को लेकर उपायुक्त ने बालू, बजरी और सीमेंट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने और तैयार की जा रही संरचनाओं को जलरोधक रखने का निर्देश दिया।

पेयजल आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बड़कागांव में गुणवत्तापूर्ण बोरवेल कराने और घर-घर कनेक्शन देने के लिए संबंधित कनीय अभियंता को निर्देशित किया गया। उप विकास आयुक्त रिया सिंह से मनरेगा के तहत शॉक पिट उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

बैठक में जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी के साथ कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता उपस्थित रहे। समीक्षा में विभागवार प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी जरूरतों को प्रमुखता दी गई।