हजारीबाग में दिसंबर में लगेगा मेगा रोजगार मेला, दो हजार से अधिक युवाओं को अवसर देने का लक्ष्य

हजारीबाग प्रशासन ने दिसंबर में मेगा रोजगार मेला आयोजित करने की तैयारी शुरू की है। इसमें कंपनियों और अन्य नियोजकों को बुलाकर दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
हजारीबाग समाहरणालय में श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक

हजारीबाग जिला प्रशासन ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए दिसंबर में मेगा रोजगार मेला आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। समाहरणालय सभागार में श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिला नियोजन पदाधिकारी को अभी से इसकी तैयारी करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने मेले के माध्यम से दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।

उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई बैठक में संभावित कंपनियों, फैक्ट्रियों और अन्य नियोजकों से संपर्क करने को कहा गया। योजना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में नियुक्ति करने वाले संस्थान एक ही मंच पर आएं, ताकि अभ्यर्थी अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार उपलब्ध अवसर तलाश सकें। मेले की निश्चित तारीख का विवरण अभी सामने नहीं आया है।

बैठक में कौशल प्रशिक्षण को स्थानीय रोजगार की जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को युवाओं की रुचि और जिले में उपलब्ध संभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार करने को कहा गया। माइनिंग, होटल मैनेजमेंट, इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने पात्र श्रमिकों और कामगारों का श्रमिक कार्ड पंजीकरण बढ़ाने की योजना भी बनाई है। सभी प्रखंडों को लक्ष्य के अनुसार काम करने और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि पंजीकृत पात्र कामगारों को छात्रवृत्ति, साइकिल, औजार, चिकित्सा सहायता और दुर्घटना बीमा जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सकता है।

बाल श्रम के मामलों में कार्रवाई के साथ बच्चों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया गया। ऐसे बच्चों को शिक्षा और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग तथा बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।

समीक्षा के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को श्रमिक पंजीकरण, बाल श्रम की रोकथाम और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों पर काम करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। बैठक में श्रम अधीक्षक बसंत नारायण महतो, जिला नियोजन पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।