हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल कार्यालय में निर्वाचन संबंधी एसआईआर कार्य के दौरान एक नागरिक से 100 रुपये लेने के आरोप में सहायक प्रशासी पदाधिकारी तुलसी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला मतदाता पहचान पत्र के सत्यापन और शपथपत्र में त्रुटि सुधारने से जुड़ा है। कार्रवाई हजारीबाग के उपायुक्त ने की है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, सरकारी काम के बदले पैसे लिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। बरही के अनुमंडल पदाधिकारी ने 3 नवंबर 2026 को अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजी। रिपोर्ट में पदाधिकारी के विरुद्ध लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
उपायुक्त कार्यालय के आदेश में कहा गया है कि मतदाता पहचान पत्र सत्यापन और शपथपत्र सुधार के लिए पैसे मांगना सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3.1 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसी आधार पर झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में तुलसी श्रीवास्तव का मुख्यालय हजारीबाग जिले का चलकुशा प्रखंड कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के मुताबिक इस अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उपलब्ध जानकारी में आगे की विभागीय कार्यवाही या उसकी समयसीमा का उल्लेख नहीं है।
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब राज्य में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन और आवेदन संबंधी काम चल रहे हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की पहल पर 4 नवंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक सभी मतदान केंद्रों पर पांचवीं बीएलओ-बीएलए-2 बैठक और चुनाव पाठशाला आयोजित करने का कार्यक्रम भी तय है।
इन बैठकों में सत्यापन और सुनवाई की औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले मतदाताओं के मामलों पर चर्चा की जानी है। साथ ही ऐसे पात्र नागरिकों की सूची तैयार करने का एजेंडा है, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है या जिन्होंने 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बावजूद फॉर्म-6 जमा नहीं किया है।