हजारीबाग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है। जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग और अन्य विसंगतियों से जुड़े मामलों में कुल 3,76,795 नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं की ऑनलाइन सुनवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में प्रशासन ने मतदाता सूची को अद्यतन करने, नोटिस के वितरण और मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने की मौजूदा स्थिति की जानकारी साझा की।
बैठक में दिए गए विवरण के अनुसार, जारी नोटिसों में से 2,97,021 का वितरण किया जा चुका है। अब तक 1,16,147 मामलों में दस्तावेज ईसीआईनेट पर अपलोड हुए हैं, जबकि 2,60,648 मामले लंबित बताए गए हैं। दावे और आपत्ति के चरण में प्रशासन को कुल 78,779 प्रपत्र भी प्राप्त हुए हैं।
बीएलओ संबंधित मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं और उन्हें डिजिटल प्रणाली पर अपलोड कर रहे हैं। इस व्यवस्था के कारण मतदाताओं को सुनवाई के लिए निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं है। प्रक्रिया का उद्देश्य दस्तावेजों की जांच और लंबित मामलों का निष्पादन ऑनलाइन माध्यम से करना है।
नए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने के लिए पांच अक्टूबर को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी लगाए गए थे। शिविर सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक चले, जहां प्रपत्र छह भरवाने के साथ उनका डिजिटाइजेशन कराया गया।
ऐसे वृद्ध मतदाता जिनके अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके सत्यापन के लिए संतान के दस्तावेजों के आधार पर रिवर्स मैपिंग का प्रावधान रखा गया है। मतदाता पुनरीक्षण से जुड़ी सहायता के लिए हेल्प डेस्क के साथ टोल-फ्री नंबर 1950 भी उपलब्ध कराया गया है।