हजारीबाग में मंगलवार, 6 अक्टूबर को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइकिल रैली निकाली गई। पर्यावरण संरक्षण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और वन विभाग के कर्मियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने साइकिल जैसे पर्यावरण अनुकूल साधनों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
रैली की शुरुआत कनहरी परिसर से हुई। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. चंद्र भूषण शर्मा, जिला वन अधिकारी पश्चिमी मौन प्रकाश और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए लोगों को अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन नियमित बदलाव करने की जरूरत है। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने शहरवासियों का ध्यान स्वच्छ हवा, हरियाली और प्रदूषण कम करने की आवश्यकता की ओर खींचा।
कार्यक्रम में साइकिल को कम प्रदूषण वाले यातायात विकल्प के रूप में प्रोत्साहित किया गया। वक्ताओं के अनुसार, जरूरत के अनुरूप साइकिल का उपयोग बढ़ाने से मोटर वाहनों पर निर्भरता घटाने में सहायता मिल सकती है। नियमित साइकिल चलाने को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए लोगों से पर्यावरण अनुकूल आवागमन को प्राथमिकता देने की अपील भी की गई।
रैली के दौरान पौधरोपण के साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है; हरियाली बढ़ाने के लिए उनका लगातार रखरखाव भी जरूरी है। बच्चों और युवाओं की भागीदारी को आने वाली पीढ़ियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रतिभागियों ने नारों के माध्यम से स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और साइकिल के इस्तेमाल का संदेश दिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण जागरूकता को एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाने और नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।