हाईकोर्ट के आधिकारिक कार्यक्रमों में आमंत्रण को लेकर अधिवक्ता संघ ने सौंपा ज्ञापन

झारखंड हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने दो नवंबर के कार्यक्रम और राजकीय रात्रिभोज में सदस्यों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर आपत्ति जताते हुए मुख्य न्यायाधीश से भविष्य के लिए समान व्यवस्था की मांग की है।

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रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट परिसर और अधिवक्ता संघ से संबंधित कार्यक्रम

रांची में झारखंड हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट के आधिकारिक कार्यक्रमों में अपने सदस्यों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। संघ की ओर से तीन नवंबर को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर सदस्यों की भावनाओं पर संज्ञान लेने का आग्रह किया गया।

ज्ञापन में दो नवंबर को हाईकोर्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है। संघ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीशों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन का संबंध अधिवक्ताओं और बार सदस्यों की सुविधाओं से था, लेकिन संघ तथा उसकी कार्यकारिणी के सदस्यों को इसमें आमंत्रित नहीं किया गया।

अधिवक्ता संघ ने स्वयं को हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों का प्रमुख प्रतिनिधि संगठन बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम में उसे और उसकी कार्यकारिणी को उचित प्रतिनिधित्व मिलने की अपेक्षा थी। संघ का आरोप है कि आमंत्रण नहीं मिलने से अधिवक्ताओं में असंतोष और निराशा पैदा हुई है।

ज्ञापन में रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित राजकीय रात्रिभोज का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने दावा किया कि कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि कुछ सदस्यों को बुलाया गया था। उसके अनुसार, इस तरह के चयन से निर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों के बीच भेदभाव की भावना बनती है।

संघ ने बार और बेंच को न्याय व्यवस्था के दो अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि उसने हाईकोर्ट तथा न्यायालय की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में लगातार सहयोग किया है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया गया कि भविष्य के आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों में संघ एवं उसकी पूरी कार्यकारिणी को समान रूप से आमंत्रित करने का निर्देश दिया जाए।

अधिवक्ता संघ ने यह भी कहा कि आगे ऐसे किसी आधिकारिक आयोजन में बार सदस्यों को आमंत्रण नहीं मिला तो वह उसमें भाग नहीं लेगा। फिलहाल ज्ञापन में लगाए गए आरोप संघ का पक्ष हैं; उपलब्ध विवरण में हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया या निर्णय दर्ज नहीं है।