गिरिडीह जिले के बगोदर में झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने जरमुन्ने पूर्वी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी के कामकाज से जुड़े मामले की पड़ताल की। धनबाद से पहुंची टीम ने बुधवार को थाना और प्रखंड कार्यालय जाकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई।
टीम दोपहर करीब डेढ़ बजे सबसे पहले बगोदर थाना पहुंची और वहां पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद अधिकारियों ने प्रखंड कार्यालय में बीडीओ तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों से कई बिंदुओं पर जानकारी ली। जांच से जुड़े अधिकारियों ने मामले का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया।
अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश की जानी है। अदालत ने एसीबी के हजारीबाग एसपी को जांच कर रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में देने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित होने की जानकारी दी गई है।
यह जांच बगोदर थाना कांड संख्या 248/2025 और धर्मदेव राणा उर्फ बबलू राणा की अग्रिम जमानत याचिका से जुड़ी है। हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश कुमार की अदालत ने मुखिया के कामकाज की एसीबी से जांच कराने को कहा था। टीम ने पड़ताल के क्रम में धर्मदेव राणा से भी बातचीत की।
मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2022 में बगोदर बस पड़ाव स्थित महेंद्र सिंह गोलंबर के सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़ी बताई गई है। आरोप है कि काम के लगभग दो लाख 59 हजार 600 रुपये का भुगतान अब तक नहीं हुआ। इसी विषय को लेकर दिवंगत ठेकेदार जितेंद्र राणा के भाई धर्मदेव राणा और मुखिया प्रमिला देवी के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
मुखिया की ओर से बगोदर थाने में दर्ज प्राथमिकी में धर्मदेव राणा पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। एसीबी की पड़ताल के निष्कर्ष रिपोर्ट अदालत में रखे जाने के बाद ही स्पष्ट होंगे।