पलामू जिले के हुसैनाबाद, हैदरनगर और मोहम्मदगंज क्षेत्र में रविवार को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। विभिन्न पूजा पंडालों में विधि-विधान से अनुष्ठान किए गए और श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना शुरू की। पहले दिन क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का माहौल रहा।
हुसैनाबाद, मोहम्मदगंज और हैदरनगर के अलावा दंगवार, कजरात तथा नावाडीह सहित कई स्थानों पर पूजा समितियों ने कलश स्थापना की। पंडालों में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मोहम्मदगंज के ऐतिहासिक भीम चूल्हा स्थल पर जलभरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। मोहम्मदगंज और हैदरनगर प्रखंड के अलग-अलग गांवों की पूजा समितियों से जुड़े पुरुष, महिलाएं और बच्चे गाजे-बाजे के साथ पैदल यहां पहुंचे।
जलभरी में भीमनगर मोहम्मदगंज, शिलापर, लटपौरी, माली, बेगमपुरा, कादल कुर्मी, इटवा, खड़ीहा, बरेवा, बरवाडीह और तेंदुआ गांव के श्रद्धालु शामिल हुए। अपने-अपने आचार्यों की मौजूदगी में उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कोयल नदी से कलशों में जल भरा।
नदी से जल लेने के बाद श्रद्धालु अपने पूजा स्थलों की ओर रवाना हुए, जहां निर्धारित धार्मिक विधियों के अनुसार कलश स्थापित किए गए। अलग-अलग गांवों की सामूहिक भागीदारी के कारण भीम चूल्हा स्थल से पूजा पंडालों तक उत्सव जैसा दृश्य रहा।
जलभरी के दौरान पुलिस-प्रशासन के देर से पहुंचने को लेकर सवाल उठे और उसकी अनुपस्थिति से जुड़ी सूचनाएं सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुईं। हालांकि पूजा समिति के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी से पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह दिखाई दिया।