रजरप्पा के मां छिन्नमस्तिके मंदिर में कलश स्थापना, 13 हवन कुंडों में अनुष्ठान

शारदीय नवरात्र के पहले दिन रजरप्पा मंदिर में मां शैलपुत्री की पूजा हुई। कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और 13 हवन कुंडों में धार्मिक अनुष्ठान किए।

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रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर में कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। पहले दिन मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

नवरात्र के आरंभ पर झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां छिन्नमस्तिके के दर्शन किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना की। पूजा-पाठ के दौरान मंदिर क्षेत्र में उत्साह और उल्लास दिखाई दिया।

मंदिर परिसर में बने 13 हवन कुंडों में भी विशेष धार्मिक गतिविधियां हुईं। श्रद्धालुओं और साधकों ने वैदिक मंत्रों के बीच हवन-यज्ञ किया। मंदिर प्रक्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर दुर्गा आराधना और मंत्रोच्चार जारी रहने से पूरा क्षेत्र पूजा के रंग में नजर आया।

शारदीय नवरात्र को देखते हुए मंदिर को विशेष रूप से सजाने का काम भी चल रहा है। परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से संवारा जा रहा है। इस सजावट के लिए कोलकाता से आए कारीगर काम कर रहे हैं।

पहले दिन की पूजा में कलश स्थापना, मां शैलपुत्री की आराधना और हवन प्रमुख अनुष्ठान रहे। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक गतिविधियां संचालित हुईं। विभिन्न स्थानों पर हो रही पूजा ने पूरे प्रक्षेत्र को नवरात्र के उत्सवी वातावरण से जोड़ दिया।

दामोदर और भैरवी नदी क्षेत्र में स्थित यह मंदिर नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार भी पर्व की शुरुआत के साथ दूसरे राज्यों से भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है। मंदिर की सजावट और अनुष्ठानों की तैयारियां आगे के नवरात्र आयोजनों के अनुरूप की जा रही हैं।