झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों के आंदोलन और प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने आपातकालीन सेवा जारी रखने की तैयारी शुरू कर दी है। एनएचएम ने एंबुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी सम्मान फाउंडेशन को सभी जिलों में जरूरत के अनुसार वैकल्पिक चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन उपलब्ध रखने का निर्देश दिया है।
एनएचएम के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ अरविंद कुमार रजक और डॉ संतोष कुमार की ओर से नौ अक्टूबर को एजेंसी के ऑपरेशन हेड को पत्र भेजा गया था। इसमें कर्मचारियों के पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जाने की सूचना और उसके कारण राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा बाधित होने की आशंका का उल्लेख किया गया है।
निर्देश में कहा गया है कि एंबुलेंस सेवा को चालू रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। एजेंसी को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिलों की जरूरत के अनुरूप दूसरे चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की तैनाती करनी होगी। उससे इस दिशा में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी एनएचएम मुख्यालय को देने को कहा गया है।
पत्र की प्रतियां सभी जिलों के सिविल सर्जनों को भेजी गई हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य आंदोलन के दौरान मरीजों को होने वाली परेशानी को रोकना और आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता बनाए रखना है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वैकल्पिक कर्मियों की तैनाती कब से या कितनी संख्या में होगी।
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी लंबित वेतन, हटाए गए कर्मियों की बहाली, ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम और अन्य श्रमिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने पहले काला बिल्ला लगाकर विरोध किया और इसके बाद चरणबद्ध कार्यक्रम शुरू किया। मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सोमवार को भिक्षाटन कार्यक्रम भी चलाया था। आंदोलन के बीच अब सेवा की निरंतरता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संचालन एजेंसी को दी गई है।