देवघर स्थित AIIMS परिसर में 897 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट के लिए करार हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह पहल पीएम सूर्यघर योजना से जुड़ी है और इससे संस्थान को योजना के तहत लाभ मिलने की बात कही गई है।
रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का मतलब है कि उपलब्ध छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था तैयार की जाएगी। AIIMS जैसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान में इस तरह की क्षमता वाला प्रोजेक्ट ऊर्जा प्रबंधन के लिहाज से अहम माना जा सकता है, हालांकि करार की विस्तृत शर्तें सामने नहीं आई हैं।
रिपोर्ट में परियोजना की क्षमता 897 किलोवाट बताई गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना छोटे स्तर की व्यवस्था के बजाय संस्थान परिसर के लिए एक संगठित सौर ऊर्जा परियोजना के रूप में आगे बढ़ रही है।
पीएम सूर्यघर योजना से लाभ मिलने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है। इस आधार पर परियोजना को केंद्र की सौर ऊर्जा से जुड़ी पहल के दायरे में देखा जा रहा है, लेकिन अभी लागत, काम शुरू होने की तारीख, पूरा होने की समयसीमा या बिजली उपयोग से जुड़े आंकड़े उपलब्ध विवरण में नहीं दिए गए हैं।
देवघर के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AIIMS क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। ऐसे संस्थान में ऊर्जा से जुड़ी आधारभूत व्यवस्था में बदलाव का असर परिसर के संचालन और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ सकता है।
फिलहाल उपलब्ध तथ्य करार और प्रस्तावित क्षमता तक सीमित हैं। आगे परियोजना के क्रियान्वयन, समयसीमा और योजना से मिलने वाले वास्तविक लाभों की आधिकारिक जानकारी आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।