रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को अमलगम स्टील्स की दो कंपनियों से संबंधित कारण बताओ नोटिसों पर तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश एनर्जी वॉचडॉग की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने अमलगम स्टील्स एंड पावर लिमिटेड तथा अमलगम स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड को जारी नोटिसों के निस्तारण की समयसीमा तय की। अदालत ने इस संबंध में जेबीवीएनएल की ओर से दिए गए आश्वासन को स्वीकार किया।
खंडपीठ ने कहा कि निगम पांच फरवरी 2026 के अंतरिम आदेश में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी करे। मामले की अगली सुनवाई के लिए एक फरवरी 2027 की तारीख निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान जेबीवीएनएल की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट ने अपने पूर्व अंतरिम आदेश में दोनों संबंधित प्रतिवादियों को जारी कारण बताओ नोटिसों का तीन माह में निस्तारण करने को कहा था। इसके बाद कंपनियों ने उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी।
जेबीवीएनएल के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसी कारण निगम ने नोटिसों पर आगे की सुनवाई रोक दी थी। निगम ने अदालत को यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन सितंबर 2026 के आदेश में हाईकोर्ट के पांच फरवरी वाले अंतरिम निर्देश में हस्तक्षेप नहीं किया।
इस स्थिति के बाद जेबीवीएनएल ने हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि अब दोनों कंपनियों को जारी नोटिसों पर सुनवाई आगे बढ़ाकर तीन माह के भीतर निर्णय लिया जाएगा। हाईकोर्ट का ताजा निर्देश इसी समयबद्ध कार्रवाई और पूर्व आदेश के अनुपालन पर केंद्रित है।