रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने झारखंड से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
महतो ने जेपीएससी और जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक तथा वित्तीय गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन आरोपों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने का अनुरोध किया। ज्ञापन में दावा किया गया कि झारखंड की 39 परीक्षाएं जांच के दायरे में लाई गई हैं और राज्य सरकार ने छह परीक्षाएं स्थगित की हैं। इन दावों पर जांच एजेंसियों या केंद्र की ओर से किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
आजसू अध्यक्ष ने कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी गृह मंत्री का ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि यह दर्जा मिलने से समुदाय के सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विकास को दिशा मिल सकती है। मुलाकात में इस अनुरोध पर केंद्र सरकार की ओर से किसी औपचारिक निर्णय का उल्लेख नहीं किया गया है।
ज्ञापन में झारखंड की स्थानीय भाषाओं का विषय भी शामिल रहा। महतो ने विशेष रूप से कुड़माली, कुड़ुख और मुंडारी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने इन भाषाओं को संबंधित समुदायों की पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए उनके संरक्षण तथा संवर्धन की आवश्यकता बताई।
महतो ने खनिज प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के हित में राज्य में मिनरल बियरिंग लैंड सेस लगाने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने आग्रह किया कि इससे मिलने वाली राशि का उपयोग केवल खनन प्रभावित परिवारों का जीवन बेहतर बनाने में हो। राशि के इस्तेमाल की निगरानी और उससे होने वाले कार्यों का निर्धारण भारत सरकार के स्तर से करने की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट यानी डीएमएफटी की राशि के उपयोग में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया। महतो ने कहा कि यह राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के लोगों के हितों के लिए है। मुलाकात में रखे गए सभी बिंदु मांग और आरोप के रूप में सामने आए हैं; इन पर आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है।