प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए झारखंड सरकार ने धनबाद, बोकारो और गिरिडीह जिलों को कुल 63.76 लाख रुपये जारी किए हैं। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह आवंटन राज्य आपदा मोचन निधि से किया है।
जारी राशि में धनबाद और बोकारो को 30-30 लाख रुपये मिले हैं, जबकि गिरिडीह के लिए 3.76 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। धनबाद की राशि दो किस्तों में दी गई है। पहली किस्त 20 लाख और दूसरी किस्त 10 लाख रुपये की है।
इस धन का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावित पात्र परिवारों के मकानों की मरम्मत और पुनर्स्थापना में किया जाएगा। सहायता के दायरे में बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि और अग्निकांड सहित केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से मकानों को हुई क्षति शामिल होगी।
किसी परिवार को भुगतान करने से पहले संबंधित जिले के उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की ओर से क्षतिग्रस्त मकान का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में यह भी जांचा जाएगा कि एक ही क्षति के लिए किसी लाभुक को दो बार सहायता न मिले। अनुग्रह अनुदान केवल वास्तव में प्रभावित और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले परिवारों को दिया जाना है।
स्वीकृत सहायता सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके लिए एनईएफटी, आरटीजीएस या डीबीटी माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकेगा और नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन को लाभुकों का विवरण, स्थल-सत्यापन रिपोर्ट और भुगतान से जुड़े अभिलेख सुरक्षित रखने होंगे।
विभाग ने जिलों को राशि केवल स्वीकृत मद में खर्च करने का निर्देश दिया है। खर्च के बाद संबंधित जिला प्रशासन को उपयोगिता प्रमाणपत्र और निर्धारित प्रारूप में व्यय का पूरा ब्योरा विभाग को सौंपना होगा। इस आवंटन के बाद सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले आपदा प्रभावित परिवारों को मकान ठीक कराने के लिए आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।