पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड स्थित बोड़ादोरो गांव ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘सुजल ग्राम संवाद’ के 12वें संस्करण में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया। ईटोर पंचायत के इस गांव से जुड़े प्रतिनिधि, जलसहिया और अन्य हितधारक बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
संवाद की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक केके मीणा ने की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अपर सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सोआन भी उपस्थित रहे। अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पंचायतों ने ऑनलाइन माध्यम से इसमें भाग लिया।
बोड़ादोरो की ओर से ग्रामीणों और जलसहिया नीतिमा सामाड ने गांव में जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़े अपने जमीनी अनुभव रखे। उन्होंने इन व्यवस्थाओं से संबंधित सुझाव भी साझा किए। कार्यक्रम का प्रमुख विषय ग्रामीण स्तर पर पेयजल योजनाओं के प्रबंधन से जुड़ा रहा।
इस राष्ट्रीय संवाद में झारखंड के साथ हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड की पंचायतें भी जुड़ीं। दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से भी प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इस तरह बोड़ादोरो को अन्य क्षेत्रों के प्रतिभागियों के समक्ष झारखंड के ग्रामीण अनुभव प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम से एक दिन पहले पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार, एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी और अन्य अधिकारियों ने गांव पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। ऑनलाइन संवाद के दौरान उपायुक्त के अलावा मुखिया सोमनाथ कोया, ग्राम मुंडा जयपाल सामाड, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता और ग्रामीण मौजूद रहे।