हजारीबाग के इचाक क्षेत्र में राहुल मेहता और पूजा यादव की हत्या के मामले में अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला 15 जून 2024 को इचाक थाना क्षेत्र के परासी में सामने आया था। राहुल और उनकी पत्नी पूजा की हत्या के बाद दोनों के शव श्मशान घाट में जलाए जाने की बात सामने आई थी। घटना के करीब दो वर्ष बाद आए न्यायालय के फैसले पर पूजा के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया है।
दोषियों में राहुल के पिता ईश्वर मेहता सहित छह लोग शामिल हैं। पुलिस ने जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पूजा के पिता राममूरत यादव उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि बेटी और दामाद को न्याय दिलाने के लिए वे लगातार प्रयास करते रहे और न्यायालय में भी अपनी बात रखी। फैसला आने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत पर भरोसा था और सुनाया गया निर्णय उन्हें स्वीकार है।
मामले की जांच से जुड़े तत्कालीन पुलिस निरीक्षक मोहम्मद शाहिद राजा के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने बारीकी से अनुसंधान किया था। जांच में मिले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई तथा आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
राहुल और पूजा दिल्ली में पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे और बाद में उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों इचाक आए और वहां एक कोचिंग संस्थान चलाने लगे। परिजनों के बीच उनके संबंध और विवाह को लेकर विवाद के आरोप सामने आए थे। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद छह आरोपितों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।