झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली चोरी रोकने के लिए जमशेदपुर और चाईबासा सर्किल में विशेष अभियान चलाया। आठ अक्टूबर को हुई कार्रवाई के दौरान दोनों सर्किलों में कुल 822 परिसरों की जांच की गई। संकलित रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली के कथित अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़े 80 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई।
जमशेदपुर सर्किल में 372 परिसरों की जांच के बाद 36 मामले दर्ज किए गए। यहां बिजली चोरी से संबंधित आकलित राशि करीब 7.27 लाख रुपये बताई गई, जबकि बकाया राशि लगभग 1.80 लाख रुपये थी। इस तरह सर्किल में कुल 9.07 लाख रुपये का आकलन किया गया।
अभियान के तहत आदित्यपुर, घाटशिला, चाकुलिया, जादूगोड़ा, करनडीह, जुगसलाई, छोटागोविंदपुर और मानगो क्षेत्रों में कार्रवाई हुई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, आदित्यपुर क्षेत्र में 10, घाटशिला में चार, जादूगोड़ा में तीन और करनडीह में तीन मामले दर्ज किए गए। मानगो सर्किल में 80 परिसरों की जांच के बाद नौ प्राथमिकी दर्ज हुईं और करीब 3.63 लाख रुपये की राशि का आकलन किया गया।
चाईबासा सर्किल में अभियान के दौरान 450 परिसरों की जांच की गई। रिपोर्ट में यहां 44 मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी दी गई है। बिजली चोरी की आकलित राशि करीब 3.92 लाख रुपये और बकाया लगभग 1.45 लाख रुपये बताया गया। दोनों को मिलाकर कुल राशि करीब 5.37 लाख रुपये रही।
चाईबासा सर्किल की कार्रवाई चाईबासा, चक्रधरपुर और सरायकेला डिवीजन के विभिन्न सब-डिवीजनों में की गई। इनमें चाईबासा डिवीजन में 15, चक्रधरपुर में 16 और सरायकेला में 13 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इन तीनों डिवीजनों के मामलों की कुल संख्या 44 है।
अभियान के दौरान कथित अवैध कनेक्शन काटे गए और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, दोनों सर्किलों में बिजली चोरी और बकाया को मिलाकर लगभग 14.44 लाख रुपये की राशि आंकी गई है।