इचाक में छात्राओं ने मांगी सुरक्षा, शिक्षण संस्थानों के पास पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

हजारीबाग के इचाक में जीएम महाविद्यालय की छात्राओं ने रास्ते में छेड़खानी और अभद्र व्यवहार की शिकायत करते हुए पुलिस को सामूहिक आवेदन सौंपा है।

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इचाक में सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस के पास पहुंचीं महाविद्यालय की छात्राएं

हजारीबाग जिले के इचाक में जीएम महाविद्यालय की छात्राओं ने शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। मंगलवार को छात्राएं इचाक थाना पहुंचीं और सामूहिक आवेदन देकर रास्ते में कथित छेड़खानी तथा अभद्र व्यवहार की शिकायत की। उन्होंने संबंधित युवकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

छात्राओं का आरोप है कि कुछ बाइक सवार युवक विद्यालय और महाविद्यालय आने-जाने वाले रास्तों पर खड़े रहते हैं। वे कथित तौर पर अश्लील टिप्पणियां करते हैं और छुट्टी के समय संस्थानों के आसपास मंडराते हैं। छात्राओं के मुताबिक, इस कारण उनमें भय और असुरक्षा बढ़ रही है तथा पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

आवेदन में कहा गया है कि इस विषय में पहले भी शिकायत की गई थी। छात्राओं के अनुसार, पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़ा था, लेकिन उन्हें 24 घंटे के भीतर पीआर बांड पर छोड़ दिया गया। उनका कहना है कि इसके बाद भी कथित गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी। ये सभी आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और मामले में पुलिस की जांच तथा कार्रवाई अभी अपेक्षित है।

छात्राओं ने पुलिस से विद्यालय और महाविद्यालय खुलने तथा छुट्टी होने के समय नियमित गश्त कराने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इचाक थाना से करीब 500 मीटर की दूरी पर कई शिक्षण संस्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ने आती हैं। इसके बावजूद आवागमन के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

छात्राओं ने चेताया कि सुरक्षित वातावरण उपलब्ध नहीं होने पर उनके लिए पढ़ाई जारी रखना कठिन हो सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपित युवकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई और शिक्षण संस्थानों के बाहर निगरानी बढ़ाने की मांग रखी है।

पुलिस की ओर से गश्त बढ़ाने और स्कूल-कॉलेजों के बाहर सख्ती करने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 10 युवकों को पकड़कर पीआर बांड पर छोड़ा था। अब ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। छात्राओं की शिकायत के बाद स्थानीय शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा प्रबंधों पर ध्यान केंद्रित हुआ है।