धनबाद के मनियाडीह थाना क्षेत्र में मंगलवार रात पुलिस और प्रताप हत्याकांड के आरोपी शंकर डे के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस का कहना है कि नवादा जंगल के पास भौरा घाटी में आरोपी ने एक एएसआई की पिस्तौल छीनकर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक, शंकर को मैथन में जांच के दौरान पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसे कथित रूप से हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए नवादा जंगल ले गई। इसी दौरान पिस्तौल छीनने और फायरिंग की घटना हुई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
यह कार्रवाई 18 जुलाई को नवादा जंगल में मिले एक युवक के शव से जुड़े मामले की जांच के क्रम में हुई। शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में गोंदूडीह निवासी प्रताप की पत्नी ने अपने पति की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और शंकर पर संदेह जताया था।
पत्नी के अनुसार, प्रताप के मोबाइल फोन पर अंतिम कॉल शंकर की थी। पुलिस का दावा है कि इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पूछताछ में आरोपी ने जंगल से मिले शव की पहचान प्रताप के रूप में की और हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार करने की बात कही। यह पुलिस का दावा है और मामले की न्यायिक पुष्टि अभी शेष है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त हथियार जंगल में फेंकने की जानकारी दी थी। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। जांचकर्ता लेनदेन से जुड़े विवाद की आशंका समेत प्रताप और आरोपी के संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, शंकर डे दुर्गापुर का निवासी है और उसके विरुद्ध पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हत्या, लूट तथा डकैती के 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। इन पुराने मामलों और वर्तमान आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा जांच जारी है।