ई-केवाईसी लंबित होने से झारखंड के 11 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं की बुकिंग प्रभावित

झारखंड में इंडियन ऑयल के 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी लंबित है। रांची में भी करीब 1.66 लाख उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

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रांची में ई-केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसी पर पहुंचे एलपीजी उपभोक्ता

रांची में ई-केवाईसी पूरी नहीं करने वाले एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक कराने में परेशानी हो रही है। 30 सितंबर से ऐसे कई उपभोक्ताओं की बुकिंग सेवा प्रभावित हुई है। इसके बाद गैस एजेंसियों पर ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे लोगों की संख्या बढ़ गई है और कई जगह कतारें लग रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित है, वे आईवीआरएस, पंजीकृत मोबाइल नंबर और संबंधित गैस कंपनी के ऐप के माध्यम से भी सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी बुकिंग सेवा दोबारा सामान्य हो रही है।

झारखंड में इंडियन ऑयल के करीब 38 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें लगभग 71 प्रतिशत की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 11 लाख से अधिक उपभोक्ता अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। बुकिंग में बाधा आने के बाद लंबित सत्यापन पूरा कराने का दबाव बढ़ा है।

रांची जिले में इंडियन ऑयल, भारत गैस और एचपी गैस के कुल करीब 7.25 लाख उपभोक्ता बताए गए हैं। इनमें इंडियन ऑयल के लगभग 4.71 लाख, भारत गैस के 1.51 लाख और एचपी गैस के करीब 1.03 लाख ग्राहक शामिल हैं। जिले में करीब 77 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा ली है, लेकिन लगभग 1.66 लाख का सत्यापन अभी बाकी है।

गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ता को एक फॉर्म भरना होता है। इसके साथ आधार कार्ड, एलपीजी उपभोक्ता संख्या और पंजीकृत मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में यह प्रक्रिया एक दिन में पूरी हो सकती है।

बुकिंग सेवा प्रभावित होने के कारण अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसियों का रुख कर रहे हैं। एजेंसी संचालकों ने लंबित ई-केवाईसी जल्द पूरी कराने की सलाह दी है, ताकि सिलेंडर बुक करते समय बाधा न आए। सत्यापन पूरा होने के बाद उपभोक्ता पहले की तरह उपलब्ध माध्यमों से बुकिंग कर सकते हैं।