साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के संभावित प्रसार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय कक्ष में हुई प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में सहिया और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संदिग्ध मरीजों की जानकारी तत्काल विभाग तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी जयंत कुमार तिवारी ने की। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उधवा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गुफरान आलम भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के साथ प्रखंड के सभी गांवों में स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बनाए रखने को कहा।
बैठक में निर्देश दिया गया कि क्षेत्र में डेंगू या मलेरिया जैसे लक्षणों वाला कोई संदिग्ध मरीज मिलने पर सूचना देने में देरी नहीं होनी चाहिए। अन्य संक्रामक बीमारियों के संभावित मामलों पर भी नजर रखने को कहा गया, ताकि स्वास्थ्य विभाग को समय रहते जानकारी मिल सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गई है। यह व्यवस्था राहत शिविरों में रह रहे लोगों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, बैठक में टीम की संख्या या उसकी तैनाती वाले स्थानों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया।
टास्क फोर्स ने संक्रामक बीमारियों की निगरानी के अलावा नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की। इसमें 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, कुपोषित बच्चों की स्थिति और विश्व जनसंख्या दिवस से जुड़े प्रचार-प्रसार के विषय शामिल रहे।
बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े सुनील रंजन सहित संबंधित कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों के निर्देशों का मुख्य केंद्र गांवों से स्वास्थ्य सूचनाओं का समय पर संकलन, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता और राहत शिविरों में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।