एएन कॉलेज दुमका के शासी निकाय के अध्यक्ष बने नलिन सोरेन, डॉ. लुईस मरांडी को सचिव की जिम्मेदारी

दुमका परिसदन में हुई एएन कॉलेज के शासी निकाय की बैठक में सांसद नलिन सोरेन को अध्यक्ष और जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी को सचिव चुना गया। बैठक में आधारभूत संरचना, छात्र सुविधाओं और अनुदान राशि पर चर्चा हुई।

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दुमका के आदित्य नारायण कॉलेज के शासी निकाय का पुनर्गठन किया गया है। रविवार को दुमका परिसदन में आयोजित बैठक में दुमका के सांसद नलिन सोरेन को सर्वसम्मति से निकाय का अध्यक्ष चुना गया। शिक्षाविद् सदस्य के रूप में जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी को सचिव की जिम्मेदारी दी गई।

बैठक में महाविद्यालय के विकास, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर विचार-विमर्श हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष नलिन सोरेन ने संस्थान की बुनियादी सुविधाओं को अधिक मजबूत करने तथा छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने को अपनी प्राथमिकता बताया।

सचिव चुनी गईं डॉ. लुईस मरांडी ने शासी निकाय से मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने की बात कही। उन्होंने महाविद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ विकास के अन्य मानकों पर भी आगे ले जाने का लक्ष्य रखा।

शासी निकाय ने बैठक के दौरान अनुदान की राशि को जनरल अकाउंट में स्थानांतरित करने का निर्णय भी सर्वसम्मति से लिया। बैठक में प्रशासनिक प्रतिनिधि के तौर पर अनुमंडल पदाधिकारी, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि डॉ. संतोष कुमार सिंह, शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. सुलेमान हांसदा और पदेन सदस्य के रूप में प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिंह उपस्थित थे।

प्राचार्य ने बैठक में दोनों जनप्रतिनिधियों के पूर्व कार्यकाल से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की। उनके अनुसार, नलिन सोरेन के पिछले अध्यक्षीय कार्यकाल में अधूरी चहारदीवारी का निर्माण पूरा हुआ और सोलर पैनल प्रणाली लगने से कॉलेज बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना।

प्राचार्य के अनुसार, डॉ. लुईस मरांडी के कार्यकाल के दौरान महाविद्यालय को नैक की बी-प्लस ग्रेडिंग मिली थी। उसी अवधि में मुख्य द्वार, चहारदीवारी, दो सुलभ शौचालय और एक डोभा का निर्माण भी कराया गया था। अब नए शासी निकाय के सामने इन सुविधाओं को आगे बढ़ाने के साथ शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होगी।