एचआरएमएस पोर्टल हर तीन महीने में सात दिन खोलने का सुझाव, वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने संपत्ति विवरणी जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए एचआरएमएस पोर्टल जनवरी-फरवरी के अतिरिक्त हर तीन महीने में सात दिन खोलने पर विचार करने को कहा है।

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झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मानव संपदा पोर्टल (एचआरएमएस) खोलने की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर पोर्टल को जनवरी-फरवरी के अलावा प्रत्येक तीन महीने में सात दिनों के लिए उपलब्ध कराने पर विचार करने का आग्रह किया है।

मंत्री का प्रस्ताव सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़ा है। उन्होंने पत्र में व्यवस्था को सुगम, कुशल और पारदर्शी बनाने की जरूरत बताते हुए प्रक्रियात्मक जटिलताओं तथा लालफीताशाही की मानसिकता समाप्त करने पर जोर दिया है।

पत्र के अनुसार, पुलिस संघ के पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री को लिखित ज्ञापन सौंपा था। इसमें संपत्ति विवरणी जमा करने के लिए एचआरएमएस पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की गई थी। इसके बाद यह विषय राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के समक्ष भी आया।

वित्त मंत्री को कार्मिक सचिव की ओर से बताया गया कि सरकारी पदाधिकारियों के लिए पोर्टल खोलने का निर्धारित समय जनवरी और फरवरी है। इस अवधि के बीच पोर्टल खोलने की व्यवस्था नहीं है। मंत्री ने इस प्रावधान को ईज ऑफ गवर्नेंस के सिद्धांत के अनुकूल नहीं मानते हुए इसमें व्यावहारिक बदलाव का सुझाव दिया है।

मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि करीब 300 कनीय पुलिस पदाधिकारी अलग-अलग कारणों से पोर्टल पर अपनी संपत्ति विवरणी जमा नहीं कर पाए। उनका मानना है कि ऐसी विशेष परिस्थितियों में संबंधित पदाधिकारियों को वर्ष के बीच भी विवरणी दाखिल करने का अवसर मिलना चाहिए।

प्रस्ताव लागू करने पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाना है। फिलहाल वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव से निर्धारित वार्षिक अवधि के साथ हर तिमाही में सात दिनों की अतिरिक्त सुविधा देने पर विचार करने को कहा है, ताकि समयसीमा चूकने वाले कर्मियों को प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने का नियमित अवसर मिल सके।