लावालौंग-पांकी सड़क निर्माण का रास्ता साफ, तीन चरणों में पूरा होगा काम

लावालौंग से पांकी तक प्रस्तावित सड़क के तीनों खंडों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। परियोजना पूरी होने पर चतरा-पांकी की दूरी करीब 45 किलोमीटर घटने का अनुमान है।

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चतरा जिले के लावालौंग से पांकी तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, सड़क को तीन अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा। इसके सभी खंडों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की बात कही गई है। परियोजना पूरी होने पर चतरा और पांकी के बीच पक्के मार्ग की दूरी करीब 95 किलोमीटर से घटकर लगभग 50 किलोमीटर रह जाने का अनुमान है।

पहले चरण में लावालौंग से मंधनियां तक सड़क बनाई जानी है। लमटा पंचायत के मुखिया अमित कुमार चौबे के मुताबिक, इस खंड की प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर शिलान्यास होने की संभावना जताई है।

इस शुरुआती खंड के निर्माण में नैनो टेक्नोलॉजी का उपयोग किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में सड़क की कुल लंबाई, लागत, निर्माण एजेंसी और काम पूरा करने की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी इन जानकारियों की प्रतीक्षा रहेगी।

विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने बताया कि मंधनियां के ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रहे थे। उनके अनुसार, इसके बाद मुखिया अमित कुमार चौबे के साथ सांसद कालीचरण सिंह और उपायुक्त से समन्वय स्थापित कर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

दूसरे चरण में मंधनियां से हरदीपुर और तीसरे चरण में हरदीपुर से कुकुरमरवा तक सड़क निर्माण प्रस्तावित है। इन दोनों खंडों को भी अलग-अलग प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है। मुखिया के अनुसार, इन सड़कों का निर्माण डीएमएफटी मद से कराया जाएगा।

पूरी सड़क बनने से लावालौंग क्षेत्र के लोगों के लिए चतरा और पांकी के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। दूरी कम होने से यात्रा में लगने वाले समय और खर्च में भी कमी आ सकती है। इसके साथ ही ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापारिक केंद्रों और स्थानीय बाजारों तक पहुंच बेहतर होने की संभावना है।