जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों के लिए हाइब्रिड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रहा है। संस्थान की यह शोध परियोजना भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों और यहां के मौसम को ध्यान में रखते हुए बैटरी के तापमान को नियंत्रित करने वाली प्रणाली के डिजाइन पर केंद्रित होगी।
यह परियोजना एनआईटी जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के तहत संचालित की जाएगी। विभाग के प्रोफेसर प्रभा चंद को इसका प्रमुख अन्वेषक बनाया गया है। शोध को झारखंड काउंसिल ऑन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन की ओर से वित्तीय सहायता दी जा रही है।
प्रस्तावित प्रणाली का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन के बैटरी पैक का तापमान नियंत्रित रखना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अत्यधिक गर्म होने की स्थिति से बैटरी में आग लगने या अन्य हादसों का जोखिम बढ़ सकता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखकर परियोजना में भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल तकनीकी समाधान तैयार करने का प्रयास होगा।
तापमान का बेहतर प्रबंधन होने से बैटरी की सुरक्षा के साथ उसकी कार्यक्षमता और उपयोग अवधि में सुधार की संभावना पर भी शोध किया जाएगा। हालांकि परियोजना अभी विकास की प्रक्रिया में है, इसलिए इसके अंतिम परिणाम और व्यावहारिक उपयोग से जुड़े निष्कर्ष शोध पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
परियोजना के अनुसंधान कार्यों में सहयोग के लिए प्रोजेक्ट इंटर्न के आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। मैकेनिकल, एनर्जी या थर्मल इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि वाले योग्य उम्मीदवार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 15 नवंबर निर्धारित की गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के बीच बैटरी का सुरक्षित तापमान बनाए रखना एक महत्वपूर्ण तकनीकी विषय है। एनआईटी जमशेदपुर की इस पहल में स्थानीय मौसम और सड़क पर वाहन चलाने की परिस्थितियों को डिजाइन का आधार बनाया जाना प्रस्तावित है, जिससे शोध को भारत-केंद्रित स्वरूप मिलेगा।