चतरा में राष्ट्रीय जनता दल ने गुरुवार को एमएमडीआर के विरोध में समाहरणालय के सामने धरना दिया। बारिश के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और केंद्र सरकार के विरुद्ध नारे लगाए। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरने की अध्यक्षता राजद के जिलाध्यक्ष नवल किशोर यादव ने की। पूर्व मंत्री और पार्टी के प्रधान महासचिव सत्यानंद भोक्ता मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश तथा पार्टी के कई प्रदेश, प्रखंड और जिला स्तर के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में उपस्थित रहे।
सत्यानंद भोक्ता ने अपने संबोधन में एमएमडीआर को आदिवासी-मूलवासी और जनहित के विरुद्ध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके माध्यम से झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित होंगे। ये बातें राजद नेता के राजनीतिक आरोप और पक्ष हैं।
भोक्ता ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर यहां के आदिवासी और मूलवासी समुदायों का पहला अधिकार होना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक विरोध जारी रखेगी। धरने में शामिल कार्यकर्ताओं ने भी कानून वापस लेने की मांग दोहराई।
जिलाध्यक्ष नवल किशोर यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए उन्हें किसान, मजदूर और गरीब विरोधी बताया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एमएमडीआर को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। उपलब्ध विवरण में केंद्र सरकार या कानून के समर्थक पक्ष की प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
धरना समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में संबंधित कानून को तत्काल वापस लेने की मांग रखी गई। बारिश के बीच आयोजित इस प्रदर्शन में चतरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए राजद कार्यकर्ता शामिल हुए।