झामुमो ने गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम को निलंबित किया, पांच सदस्यीय जांच समिति गठित

झामुमो ने गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। पांच सदस्यीय समिति को दस दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

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गढ़वा झामुमो जिलाध्यक्ष के निलंबन और जांच समिति गठन से संबंधित सांकेतिक दृश्य

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गढ़वा के जिलाध्यक्ष शंभू राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, यह निलंबन मामले की जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। पार्टी ने आरोपों की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय समिति भी गठित की है।

कार्यालय आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों और गढ़वा जिले के वरिष्ठ पार्टी नेताओं से मिली जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आदेश झामुमो के केंद्रीय महासचिव (संगठन) की ओर से जारी किया गया है। फिलहाल पार्टी ने आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।

जांच समिति में तनवीर आलम, ताहिर अंसारी, जवाहर पासवान, राजकिशोर यादव और लल्लू राम को शामिल किया गया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर दस दिनों के भीतर अपना प्रतिवेदन सौंपने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट मिलने तक शंभू राम निलंबित रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शंभू राम और एक भाजपा विधायक की कथित मुलाकात से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वीडियो में पार्टी और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर के विरोध से जुड़ी बातचीत का उल्लेख है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

पार्टी के आदेश से स्पष्ट है कि वायरल सामग्री और स्थानीय स्तर से मिली सूचनाओं को जांच का आधार बनाया गया है। समिति अब उपलब्ध सामग्री तथा संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी की समीक्षा करेगी। आरोप सही हैं या नहीं, इसका निर्धारण जांच रिपोर्ट के बाद ही होने की अपेक्षा है।

यह कार्रवाई गढ़वा जिला संगठन के नेतृत्व से जुड़ी है। जांच की अवधि में जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, इस बारे में उपलब्ध आदेश में कोई जानकारी नहीं है। पार्टी ने रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर भी अभी कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।