धनबाद में झारखंड आंदोलन से जुड़े दिवंगत नेता बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोहों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा राज्य के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में उनके योगदान को याद किया।
एक जयंती समारोह में डुमरी विधायक जयराम महतो ने सरकार से बिनोद बिहारी महतो को व्यापक स्तर पर सम्मान देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राज्य के जिलों, प्रखंडों और कस्बों में उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए प्रतिमाएं स्थापित करने की दिशा में पहल होनी चाहिए।
जयराम महतो ने बिनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन के राजनीतिक-सामाजिक संबंधों का उल्लेख करते हुए दोनों नेताओं को समान सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो से भी प्रतिमा स्थापना और स्मृति संरक्षण के प्रयासों में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
धनबाद के एक होटल में लवकुश सेवा संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, विधायक जयराम महतो, मथुरा प्रसाद महतो और चंद्रदेव महतो सहित अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने झारखंड आंदोलन और सामाजिक बदलाव से जुड़े बिनोद बिहारी महतो के कार्यों पर चर्चा की।
समारोह में उनके “पढ़ो और लड़ो” संदेश को भी याद किया गया। वक्ताओं ने शिक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और सामाजिक असमानता के विरुद्ध लोगों को संगठित करने से जुड़े उनके विचारों को नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बताया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
बलियापुर स्थित बीबीएम इंटर कॉलेज परिसर में भी जयंती कार्यक्रम हुआ। वहां बिनोद बिहारी महतो के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित हुआ। अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के साथ किसानों को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने शिक्षा, प्रतिभा और कृषि को समाज निर्माण के महत्वपूर्ण आधार के रूप में रेखांकित किया।