एमजीएम अस्पताल परिसर में खुले में मिला बायो-मेडिकल कचरा, प्रबंधन पर उठे सवाल

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर में निरीक्षण के दौरान खुले में बायो-मेडिकल कचरा और सड़े खाद्य अवशेष मिलने का दावा किया गया। अस्पताल अधीक्षक ने कमियां दूर करने की बात कही है।

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जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा कचरा

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल परिसर में बायो-मेडिकल कचरे के रखरखाव को लेकर चिंता सामने आई है। झारखंड मानवाधिकार सम्मेलन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को अस्पताल के कचरा स्थल का निरीक्षण किया। संगठन का दावा है कि वहां बायो-मेडिकल कचरा खुले में पड़ा था और उसके आसपास आवारा कुत्ते खाद्य सामग्री तलाश रहे थे।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, निरीक्षण के दौरान संक्रमण का जोखिम पैदा करने वाला मेडिकल कचरा दिखाई दिया। उसी स्थान पर काले प्लास्टिक बैग में आलू और दूसरी सब्जियों के सड़े-गले छिलके भी फेंके गए थे। मेडिकल और सामान्य खाद्य कचरे की ऐसी स्थिति पर संगठन ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।

संगठन प्रमुख मनोज मिश्रा ने आरोप लगाया कि परिसर में लंबे समय से कचरा जमा है। उन्होंने इसे झारखंड हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना बताया। प्रतिनिधिमंडल ने बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्पताल में निकलने वाले संवेदनशील अपशिष्ट का समयबद्ध और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए।

निरीक्षण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें मामले की तत्काल जांच कराने तथा कचरा प्रबंधन से जुड़े न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई। संगठन ने खुले में पड़े कचरे से मरीजों, उनके परिजनों, कर्मचारियों और परिसर में घूमने वाले पशुओं के लिए संभावित खतरे पर चिंता जताई।

अस्पताल अधीक्षक ने संगठन के आरोपों के बीच अपना पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि अस्पताल से निकलने वाले कचरे का निस्तारण नियमों के अनुसार कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि व्यवस्था में जो भी कमी होगी, उसे दूर कर दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी में किसी विभागीय जांच या अन्य कार्रवाई के नतीजे का उल्लेख नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल ने एक महीने के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही है। फिलहाल संगठन के दावों और अस्पताल प्रशासन के पक्ष के बाद ध्यान इस बात पर है कि कचरा स्थल की स्थिति की जांच कैसे होती है और बताई गई कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।