एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय रिकर्व टीम में हजारीबाग की कीर्ति शर्मा

हजारीबाग साई प्रशिक्षण केंद्र की तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ के साथ भारतीय महिला रिकर्व टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में भूमिका निभाई।

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भारतीय महिला रिकर्व टीम की स्वर्ण पदक विजेता तीरंदाज कीर्ति शर्मा

हजारीबाग के भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ी तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया है। भारतीय टीम में उनके साथ अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ शामिल थीं। इस उपलब्धि से झारखंड और हजारीबाग के खेल जगत को भी बड़ी सफलता मिली है।

जापान से अपनी खुशी साझा करते हुए कीर्ति ने सफलता का श्रेय कोच के मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और भारतीय खेल प्राधिकरण से मिले सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से किया जा रहा लगातार अभ्यास और अनुशासन इस नतीजे तक पहुंचने में महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने देशवासियों से मिले समर्थन के लिए आभार भी जताया।

कीर्ति शर्मा ने 13 जून 2022 को पदमा स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश लिया था। वहां कोच उद्यम सिंह के मार्गदर्शन में उनके प्रशिक्षण और खेल कौशल को आगे बढ़ाने का काम हुआ। नियमित अभ्यास के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई।

रिकर्व स्पर्धा में भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहते हुए कीर्ति ने अंकिता और कुमकुम के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। टीम की इस सफलता को उनके लंबे प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में अर्जित अनुभव का परिणाम माना जा रहा है। कीर्ति ने भी अपनी प्रतिक्रिया में कोच और प्रशिक्षण के माहौल की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया।

इससे पहले भी कीर्ति अलग-अलग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक तथा प्रतिनिधित्व की उपलब्धियां दर्ज कर चुकी हैं। उनके खाते में 38वें राष्ट्रीय खेलों की टीम स्पर्धा का कांस्य, जूनियर नेशनल टीम का स्वर्ण और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं के स्वर्ण, रजत तथा कांस्य पदक शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न एशिया कप और विश्व कप प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

एशियन गेम्स का स्वर्ण कीर्ति के खेल सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हजारीबाग में 2022 से चल रहे उनके प्रशिक्षण और लगातार प्रतिस्पर्धी अनुभव ने उन्हें भारतीय महिला रिकर्व टीम तक पहुंचाया। इस नतीजे ने अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी में झारखंड की भागीदारी को भी प्रमुखता से सामने रखा है।