दुमका के कमार दुधानी गांव स्थित तीरंदाजी अकादमी ग्राउंड में शनिवार को 17वीं झारखंड राज्य जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता शुरू हुई। दो दिनों तक चलने वाली इस स्पर्धा में राज्य के सभी 24 जिलों और विभिन्न तीरंदाजी अकादमियों से आए करीब 250 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में लगभग 100 प्रशिक्षक और आधिकारिक कर्मचारी भी शामिल हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन दुमका के सांसद नलिन सोरेन और जामा की विधायक तथा जिला तीरंदाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. लुईस मरांडी ने किया। आयोजकों के अनुसार, प्रतिभागी खिलाड़ियों में करीब 150 लड़कियां हैं। जूनियर तीरंदाज इंडियन, रिकर्व और कंपाउंड राउंड में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
आर्चरी प्रशिक्षक सुमित कुमार मिश्रा के मुताबिक, स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पहचान बना चुके कई तीरंदाज भी उतर रहे हैं। इनमें रामगढ़ के मोहित कुमार, चाईबासा के कृष्णा पींगवा, राजू बांड्रा और संध्या रानी गोप तथा दुमका के दिनेश मुर्मू, अरविंद टुडू और प्रकाश मांझी शामिल हैं।
प्रतियोगिता में जमशेदपुर की मेगा बेसरा, धनबाद की मधु कुमारी और रांची की काजल कुमारी भी भाग ले रही हैं। अलग-अलग जिलों और अकादमियों के खिलाड़ियों की मौजूदगी से जूनियर वर्ग के तीरंदाजों को राज्य स्तर पर एक साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है।
डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी दुमका के लिए गौरव की बात है। उनके अनुसार, यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 21 से 28 अक्टूबर तक जयपुर में होने वाली जूनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में भाग लेने का मौका मिलेगा। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर बन सकते हैं।
सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि दुमका समेत झारखंड के बच्चे कम उम्र से ही तीरंदाजी का अभ्यास शुरू कर देते हैं, जिससे आगे चलकर वे प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को आगे लाने के प्रयास कर रही है, ताकि झारखंड से अंतरराष्ट्रीय स्तर के और खिलाड़ी सामने आ सकें।