खूंटी के हेसेल गांव में भारतीय महिला हॉकी टीम की एशियाई खेलों की स्वर्णिम सफलता का उत्साह निक्की प्रधान के घर तक पहुंचा। फाइनल में भारतीय टीम की जीत तय होते ही परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। घर के बाहर फुलझड़ियां जलाई गईं और पटाखे फोड़कर खुशी मनाई गई।
परिवार के लिए फाइनल मुकाबला देखना भी रोमांच से भरा रहा। घर के टेलीविजन का रिचार्ज समाप्त हो गया था और मोबाइल नेटवर्क भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों ने शुरुआत में छत पर जाकर मोबाइल पर मैच देखा। बाद में निक्की की बड़ी बहन शशि प्रधान ने टेलीविजन का रिचार्ज कराया, जिसके बाद बाकी मुकाबला टीवी पर देखा गया।
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में बढ़त बना ली थी। इसके बाद परिवार की निगाहें मुकाबले के अंतिम क्षणों तक स्क्रीन पर टिकी रहीं। टीम ने अपनी बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक जीत लिया। जीत की पुष्टि होते ही निक्की के घर में तालियां गूंजीं और उत्सव शुरू हो गया।
निक्की के पिता और झारखंड पुलिस से सेवानिवृत्त सोमा प्रधान ने हाल में घर के सामने एक दुकान शुरू की है। परिवार में उस समय मिठाई उपलब्ध नहीं थी, इसलिए उन्होंने दुकान से लस्सी निकालकर परिजनों और आसपास मौजूद लोगों के बीच बांटी। निक्की की मां जितन देवी, छोटी बहन सरीना प्रधान और गांव के अन्य लोगों ने भी इस खुशी में भाग लिया।
परिवार ने बताया कि कड़े मुकाबले के कारण आखिरी सीटी तक उत्सुकता बनी रही। निक्की की मां ने टीम द्वारा एक गोल की बढ़त अंत तक बचाए रखने पर खुशी जताई। छोटी बहन सरीना ने भारतीय खिलाड़ियों के रक्षात्मक प्रदर्शन को जीत में महत्वपूर्ण बताया।
निक्की के पिता ने कहा कि इस उपलब्धि से जिउतिया पर्व की खुशी दोगुनी हो गई। परिवार ने रविवार को जीत की खुशी में एक आयोजन करने की बात भी कही। हेसेल में कोई बड़ा सामूहिक कार्यक्रम नहीं हुआ, लेकिन निक्की के घर के बाहर हुआ उत्सव परिवार और गांव के लिए इस उपलब्धि के महत्व को दर्शाता रहा।