रांची में झारखंड प्रदेश कांग्रेस 16 सितंबर को राजभवन मार्च करेगी। पार्टी ने यह कार्यक्रम जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर घोषित किया है। मार्च के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा।
पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश करेंगे। इसमें राज्य सरकार के मंत्री, कांग्रेस विधायक, वरिष्ठ नेता, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है। कार्यक्रम का केंद्र ओबीसी आबादी की अलग पहचान और उसके आंकड़ों के संकलन की मांग होगी।
कांग्रेस का कहना है कि जातिगत जनगणना के प्रारूप में ओबीसी के लिए अलग कॉलम होना चाहिए, ताकि इस वर्ग की वास्तविक संख्या दर्ज की जा सके। पार्टी ने केंद्र सरकार से ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रस्तावित ज्ञापन में भी इसी विषय को प्रमुखता से रखने की तैयारी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि ओबीसी की सही आबादी से जुड़े आंकड़े सामाजिक न्याय की नीतियों के लिए आवश्यक हैं। उनके अनुसार, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीति बनाने में प्रामाणिक जनसंख्या आंकड़ों की भूमिका रहती है। यह कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष और उसकी घोषित मांग है।
प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरा है और आबादी के अनुपात में भागीदारी की मांग दोहराई है। पार्टी का आरोप है कि ओबीसी की हिस्सेदारी से जुड़ी स्थिति स्पष्ट करने के लिए अलग आंकड़े जरूरी हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
राजभवन मार्च के जरिए कांग्रेस इस मांग को औपचारिक रूप से राज्यपाल के सामने रखेगी। पार्टी ने कहा है कि वह ओबीसी की अलग गणना और सामाजिक हिस्सेदारी के प्रश्न को आगे भी राजनीतिक मंचों पर उठाती रहेगी। कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे और मार्च कहां से शुरू होगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।