रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में करीब तीन वर्ष पहले हुए तिहरे हत्याकांड में अदालत ने 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं चुकाने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला ओरमांझी के गुंजा देवनजारा गांव में 31 अगस्त 2023 को हुई घटना से जुड़ा है। इस वारदात में झामेश्वर बेदिया तथा उनकी पत्नियों सरिता देवी और संजू देवी की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे। अदालत ने प्रस्तुत सामग्री तथा दोनों पक्षों की दलीलों की समीक्षा के बाद मामले के सभी 11 आरोपितों को हत्या का दोषी ठहराया था।
दोषसिद्धि का फैसला मंगलवार को सुनाया गया था। इसके बाद गुरुवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। अदालत ने सभी दोषियों के लिए उम्रकैद और समान जुर्माने का आदेश दिया। सजा पाने वालों में सहजनाथ बेदिया, राजो देवी, संजीत बेदिया, रंजीत बेदिया, हेमंत बेदिया, महेंद्र बेदिया, पंचित बेदिया, कामेश्वर बेदिया, अनुज बेदिया और सुकरा मुंडा सहित कुल 11 लोग शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार, घटना वाले दिन सुबह करीब 11 बजे आरोपित झामेश्वर बेदिया के घर पहुंचे थे। वहां हुए हमले में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। अभियोजन ने इस वारदात की पृष्ठभूमि में दोनों परिवारों के बीच पहले से चल रहे विवाद का उल्लेख किया था।
अभियोजन का कहना था कि विवाद की शुरुआत सूअर के मक्के के खेत में घुसने और फसल को नुकसान पहुंचाने से हुई थी। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। करीब तीन साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोषियों के लिए आजीवन कारावास और आर्थिक दंड निर्धारित किया है।