कर्रा में शैक्षणिक भ्रमण से लौटे करीब 30 स्कूली बच्चे बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

खूंटी के तिलमी स्थित पीएम श्री उच्च विद्यालय के बच्चों में उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत सामने आई। प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमें सर्वे कर रही हैं।

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कर्रा में बीमार स्कूली बच्चों की जांच और उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी

खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित पीएम श्री उच्च विद्यालय, तिलमी के शैक्षणिक भ्रमण से लौटे करीब 30 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों में उल्टी, दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत मिलने के बाद कई को कर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।

विद्यालय प्रबंधन तीन अक्टूबर को बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर तोरपा प्रखंड के डोड़मा स्थित गुरुकुल और रानी फॉल ले गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भ्रमण के दौरान बच्चों ने भोजन भी बनाया था। कुछ बच्चों के पिकनिक स्थल के आसपास लगे ठेलों से खाद्य सामग्री खाने की बात सामने आई है, लेकिन बीमारी की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

बच्चों की तबीयत रविवार शाम से बिगड़नी शुरू हुई। पांच अक्टूबर की सुबह तक उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई। प्रभावित बच्चों में अधिकतर तिलमी गांव के हैं, जबकि मासको और बरवादाग गांवों के कुछ बच्चों के बीमार होने की भी जानकारी मिली है।

खूंटी के सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टरों की टीम ने रातभर बच्चों की निगरानी की। किसी बच्चे को अतिरिक्त उपचार की जरूरत पड़ने की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल को भी सतर्क रखा गया है, ताकि आवश्यकता होने पर तत्काल वहां स्थानांतरित किया जा सके।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तिलमी, मासको और बरवादाग गांवों में मेडिकल टीमों को सक्रिय किया है। टीमें घर-घर जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं। सर्वे के दौरान बीमार मिले बच्चों की जांच करने के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के बीमार पड़ने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। भ्रमण, भोजन और बाद में सामने आए लक्षणों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। जांच पूरी होने तक बीमारी को किसी खास खाद्य पदार्थ या कारण से जोड़कर निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।