कामडारा में एसआईआर को लेकर स्पष्टीकरण, जाति-आवासीय प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं

कामडारा में प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे ग्रामीणों को अधिकारियों ने बीएलओ से संपर्क करने और केवल मांगे गए दस्तावेज जमा करने की सलाह दी।

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कामडारा में एसआईआर के दस्तावेजों को लेकर ग्रामीणों को जानकारी देते अधिकारी

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड में एसआईआर के लिए जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण गुरुवार को सही जानकारी मिलने के बाद वापस लौट गए। स्थानीय स्तर पर बने असमंजस के बीच उन्हें बताया गया कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए इन दोनों प्रमाणपत्रों की आवश्यकता नहीं है।

कामडारा के अंचल निरीक्षक रंजित कच्छप ने ग्रामीणों को अपने-अपने बीएलओ से संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी बीएलओ से प्राप्त की जाए और प्रक्रिया के दौरान केवल वही कागजात जमा किए जाएं, जिनकी मांग की गई हो।

अंचल निरीक्षक ने राशन कार्ड को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उनके मुताबिक, राशन कार्ड के लिए जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने का कोई निर्देश अब तक जारी नहीं हुआ है। उन्होंने ग्रामीणों से अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने और आधिकारिक स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही जानकारी के अनुसार ही आगे बढ़ने को कहा।

प्रखंड में भ्रम की स्थिति तब सामने आई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच गए। प्रमाणपत्रों की जरूरत नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन संबंधी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। अब ग्रामीणों को एसआईआर के दस्तावेजों की पुष्टि के लिए संबंधित बीएलओ से संपर्क करना होगा।

इस बीच, राज्य के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने 27 अगस्त 2026 को सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन जारी करने की अनुमति दी थी। लंबित आवेदनों को देखते हुए आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र अगले तीन महीने तक ऑफलाइन भी जारी किए जा सकेंगे। यह व्यवस्था प्रमाणपत्र जारी करने से जुड़ी है, जबकि कामडारा में एसआईआर के लिए जरूरी कागजात की जानकारी बीएलओ से लेने को कहा गया है।